कौनसी चीज़ों से तयम्मुम जाइज़ है?

कौनसी चीज़ों से तयम्मुम जाइज़ है?

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1974

بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

वह चीज़ें जिनसे तयम्मुम जाइज़ है और जिनसे नहीं

  • तयम्मुम उसी चीज़ से हो सकता है जो ज़मीन की क़िस्म से हो और जो चीज़ ज़मीन की क़िस्म से नहीं उससे तयम्मुम जाइज़ नहीं।
  • जिस मिट्टी से तयम्मुम किया जाये उसका पाक होना ज़रूरी है।
  • किसी चीज़ पर निजासत गिरी और सूख गई उस से तयम्मुम नहीं कर सकते चाहे निजासत का असर बाक़ी न हो।
  • जो चीज़ आग से जल कर न राख होती है, न पिघलती है, न नर्म होती है वह ज़मीन की क़िस्म से है, उससे तयम्मुम जाइज़ है जैसे रेत, चूना, गेरू, पत्थर, अक़ीक़, और ज़मुर्रद वग़ैरा जवाहरात से तयम्मुम जाइज़ है चाहे उन पर धूल न हो।
  • जो चीज़ आग से जल कर राख हो जाती हो जैसे लकड़ी, घास आदि या पिघल जाती हो या नर्म हो जाती हो जैसे चाँदी, सोना, ताँबा, पीतल, लोहा वग़ैरा धातें, वह ज़मीन की क़िस्म से नहीं उससे तयम्मुम जाइज़ नहीं।
  • ज़मीन या पत्थर जल कर राख भी हो जायें तो उससे तयम्मुम जाइज़ है।
  • जिस जगह से एक ने तयम्मुम किया दूसरा भी वहीं से तयम्मुम कर सकता है और यह जो मशहूर है कि मस्जिद की दीवार या ज़मीन से तयम्मुम नाजाइज़ या मकरूह है यह ग़लत है।

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