वुज़ू का सवाब कम करने वाली चीज़ें (मकरूहात)

वुज़ू का सवाब कम करने वाली चीज़ें (मकरूहात)

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بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

मकरूह चीज़ें वह होती हैं जो शरीयत में नापसंद हैं जिनसे सवाब में कमी आ जाती है और कुछ जगहों पर तो इबादत इसकी वजह से नाक़िस या अधूरी रह जाती है और इनका करने वाला गुनाहगार हो जाता है इनका बहुत ध्यान रखना चाहिए। हर सुन्नत का छोड़ना मकरूह है ऐसे ही हर मकरूह का छोड़ना सुन्नत है।

वुज़ू की कुछ मकरूह बातें यह हैं।

  1. औरत के वुज़ू या ग़ुस्ल के बचे हुये पानी से वुज़ू करना।
  2. वुज़ू के लिये गंदी जगह बैठना या नजिस जगह वुज़ू का पानी गिराना।
  3. मस्जिद के अन्दर वुज़ू करना।
  4. वुज़ू करते में जिस्म के किसी हिस्से से लोटे वग़ैरा में पानी की बूँदे या छींटे गिरना।
  5. पानी में नाक या थूक का गिरना।
  6. क़िबले की तरफ़ मुँह करके थूकना या कुल्ली करना।
  7. दुनिया की बातें करना।
  8. ज़्यादा पानी ख़र्च करना। हमारे प्यारे नबी मुहम्मद گ ने तीन बार से ज़्यादा वुज़ू के हिस्से नहीं धोए और फ़रमाया जिसने तीन से ज़्यादा बार धोया उसने बुरा किया और ज़ुल्म किया।
  9. पानी इतना कम ख़र्च करना कि सुन्नत अदा न हो।
  10. मुँह पर ज़ोर से पानी का छपाका मारना।
  11. मुँह पर पानी डालते वक़्त फूँकना।
  12. एक हाथ से मुँह धोना।
  13. गले का मसह करना।
  14. बायें हाथ से कुल्ली करना या नाक में पानी डालना।
  15. दाहिने हाथ से नाक साफ़ करना।
  16. अपने वुज़ू के लिये कोई लोटा वग़ैरा ख़ास कर लेना।
  17. तीन नये पानियों से तीन बार सिर का मसह करना।
  18. जिस कपड़े से इस्तिन्जे का पानी ख़ुश्क किया हुआ हो उससे वुज़ू के हिस्से पोंछना।
  19. धूप के गर्म पानी से वुज़ू करना।
  20. होंठ या आँखें ज़ोर से बंद करना। अगर कुछ सूखा रह जाये तो वुज़ू नहीं होगा।

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