औरत के लिए एहराम का लिबास

औरत के लिए एहराम का लिबास

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بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

  • एहराम बाँधते वक़्त औरतों के लिये मर्दों की तरह तहबन्द बाँधने और चादर ओढ़ने का हुक्म नहीं है।
  • औरतों को आमतौर पर पहने जाने वाले सिले हुए कपड़े पहनना जाइज़ है चाहे वह रंगीन हों।
  • मोज़े और दस्ताने पहनने की भी इजाज़त है मगर बेहतर यह है कि न पहनें।
  • रेशमी सिला हुआ कपड़ा और सोने के या दूसरे ज़ेवर भी पहन सकती हैं।
  • ऐसा जूता भी पहन सकती हैं जिससे पैर की ऊपर की तरफ़ की हड्डी छिप जाए।
  • औरत को सिर ढकना वाजिब है इसलिये औरतों को चाहिये कि सिर पर छोटा रुमाल बाँध लें ताकि सिर न खुले मगर यह ध्यान रखें कि वह रुमाल माथे पर न आए वरना जज़ा देनी होगी। एहराम की हालत में औरत के माथे से कपड़ा लगना जाइज़ नहीं। एक ज़रूरी बात और ध्यान में रखनी चाहिये कि वुज़ू करते वक़्त इस कपड़े को हटाकर मसह करें अगर कपड़े पर मसह किया तो वुज़ू ही नहीं होगा और वुज़ू नहीं हुआ तो नमाज़ भी नहीं होगी सब कुछ बेकार हो जायेगा।

 

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