आदमी और जानवर का जूठा

0
11187

بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

हर एक शख़्स मर्द हो या औरत उसका जूठा पाक है (चाहे उन पर ग़ुस्ल फ़र्ज हो)। लेकिन मर्द को नामहरम (ग़ैर) औरत का और औरत को नामहरम मर्द का जूठा खाना पीना मकरूह है।

आदमी और जानवर के जूठे के बारे मै कुछ ज़रूरी मसाईल इस तरह हैं-

  • काफ़िर का जूठा भी पाक है मगर उससे बचना चाहिये और थूक, रेंठ और खंखार वग़ैरा (जो पाक है मगर आदमी उनसे घिन करता है) से भी बहुत बदतर काफ़िर के जूठे को समझना चाहिये। इसी तरह शराबी या हराम जानवर का गोश्त खाने वाले के जूठे से भी बचना ज़रूरी है।
  • किसी के मुँह से इतना ख़ून निकला कि थूक में लाली आ गई तो उसका जूठा नापाक है, और उसने फ़ौरन पानी पिया तो यह भी नापाक हो गया। ख़ून का असर ख़त्म होने के बाद यह लाज़िम है कि कुल्ली करके मुँह पाक करे क्योंकि ऐसी सूरत में थूक निगलना सख़्त नापाक बात और गुनाह है।
  • इसी तरह किसी ने शराब पीकर फ़ौरन पानी पिया तो वह पानी भी नापाक हो गया।
  • शराबी की मूँछे बड़ी हों कि शराब मूँछों में लगी तो जब तक उनको पाक न करेगा तो जो पानी पियेगा वह पानी और बर्तन दोनों नापाक हो जायेंगे।
  • जिन जानवरों का गोश्त खाया जाता है चौपाये हों या परिन्दे उनका जूठा पाक है चाहे नर हों जैसे गाय, बैल, भैंस, बकरी, कबूतर और तीतर वग़ैरा। जो मुर्ग़ी आज़ाद घूमती हो और गन्दगी पर मुँह मारती हो उसका जूठा मकरूह है और बन्द रहती हो तो पाक है।
  • ऐसे ही कुछ गायें जो गन्दगी खाती हैं उनका जूठा मकरूह है। अगर किसी गाय ने निजासत खाकर पानी या किसी और चीज़ मे मुँह डाल दिया तो वह नापाक है बशर्ते कि कोई ऐसी बात न पाई गई जिससे उसके मुँह की पाकी हो जाती।
  • इसी तरह अगर बैल, भेैंसे और बकरे नरों ने मादा का पेशाब सूँघा और उससे उनका मुँह नापाक हुआ और न इतनी देर गुज़री कि जिसमें पाक हो जाता तो उनका जूठा नापाक है और अगर चार पानियों में मुँह डालें तो पहले तीन नापाक और चौथा पाक है (यानि पहले तीन पानियों से धुल कर उसका मुँह पाक हो जायेगा)।
  • घोड़े का झूठा पाक है।
  • सुअर, कुत्ता, शेर, चीता, भेड़िया, हाथी, गीदड़ और दूसरे दरिन्दों का जूठा नापाक है।
  • कुत्ते ने बर्तन में मुँह डाला तो अगर वह चीनी या धात का है या मिट्टी का रौग़नी या इस्तेमाल में लाये हुये चिकने बर्तन तो तीन बार धोने से पाक हो जायेगा नहीं तो हर बार सुखा कर पाक होगा। लेकिन चीनी के बर्तन में बाल (Crack) हो या और बर्तन में दरार हो तो तीन बार सुखाकर पाक होगा, सिर्फ़ धोने से पाक न होगा।
  • मटके को कुत्ते ने ऊपर से चाटा तो उसके अन्दर का पानी नापाक न होगा।
  • उड़ने वाले शिकारी परिन्दे जैसे शिकरा, बाज़, बहरी और चील वग़ैरा का जूठा मकरूह है और यही हुक्म कौए का है और अगर उनको पाल कर शिकार के लिये सिखा लिया हो और चोंच में निजासत न लगी हो तो उसका जूठा पाक है।
  • घर में रहने वाले जानवर जैसे बिल्ली, चूहा, साँप और छिपकली का जूठा मकरूह है।
  • अगर किसी का हाथ बिल्ली ने चाटना शुरू किया तो चाहिये कि फ़ौरन हाथ खींचे ले। यूँही छोड़ देना कि चाटती रहे मकरूह है और हाथ धो लेना चाहिये अगर बिना धोये नमाज़ पढ़ ली तो हो जायेगी मगर धोना  ज़्यादा अच्छा है।
  • बिल्ली ने चूहा खाया और फ़ौरन बर्तन में मुँह डाल दिया तो पानी नापाक हो गया और अगर ज़ुबान से मुँह चाट लिया कि ख़ून का असर जाता रहा तो नापाक नहीं।
  • पानी के रहने वाले जानवर का जूठा पाक है चाहे उनकी पैदाइश पानी में हो या न हो।
  • गधे ख़च्चर का जूठा पानी मशकूक यानि शक वाला है। यानि उसके वुज़ू के क़ाबिल होने में शक है और इसीलिये उससे वुज़ू नहीं हो सकता क्योंकि जब हदस का यक़ीन हो वह यक़ीन मशकूक तहारत से दूर न होगा।
  • जो जूठा पानी पाक है उससे वुज़ू और ग़ुस्ल दोनों जाइज़ हैं मगर जिस पर नहाना ज़रूरी हो उसने अगर बग़ैर कुल्ली के पानी पिया तो उसके जूठे पानी से वुज़ू जाइज़ नहीं कि वह पानी इस्तेमाली हो गया।
  • अच्छा पानी होते हुए मकरूह पानी से वुज़ू और ग़ुस्ल मकरूह है और अगर अच्छा पानी मौजूद नहीं तो कोई हर्ज नहीं। इसी तरह मकरूह जूठे का खाना पीना भी मालदार को मकरूह है और ग़रीब मुहताज को बग़ैर कराहत के जाइज़ है।
  • मशकूक झूठे को खाना पीना न चाहिये अगर मशकूक पानी अच्छे पानी में मिल गया तो अगर अच्छा पानी ज़्यादा है तो उससे वुज़ू हो सकता है वर्ना नहीं।
  • जिसका जूठा नापाक है उसका पसीना और लुआब भी नापाक और जिसका जूठा पाक उसका पसीना और लुआब भी पाक और जिसका जूठा मकरूह उसका लुआब और पसीना भी मकरूह है।
  • गधे, ख़च्चर का पसीना अगर कपड़े में लग जाये तो कपड़ा पाक है चाहे कितना ही ज़्यादा लगा हो।

NO COMMENTS