इन वक़्तों में नमाज़ पढ़ने का ज़्यादा सवाब है (मुस्तहब)

इन वक़्तों में नमाज़ पढ़ने का ज़्यादा सवाब है (मुस्तहब)

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بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

  • फ़ज्र में देरी मुस्तहब है लेकिन इतना वक़्त होना चाहिये कि नमाज़ सुकून के साथ और क़ियाम में चालीस से साठ आयतें तरतील के साथ पढ़ सके और सलाम फेरने के बाद भी इतना वक़्त बाक़ी रहे कि अगर नमाज़ दोहराना पड़े तो वुज़ू वग़ैरा करके सुकून के साथ दोबारा नमाज़ पढ़ सके। इतनी देर करना मकरूह है कि सूरज निकलने का वक़्त हो जाये।
  • औरतों के लिए फ़ज्र की नमाज़ अव्वल वक़्त यानि अंधेरे में पढ़ना मुस्तहब है। और बाक़ी नमाज़ों में यह बेहतर है कि मर्दों की जमाअत के बाद पढ़ें।
  • सर्दियों में ज़ुहर की नमाज़ जल्दी पढ़ना मुस्तहब है और गर्मियों में देर से, चाहे अकेला पढ़े या जमाअत के साथ लेकिन मुस्तहब वक़्त के लिए जमाअत छोड़ना जाइज़ नहीं।
  • जुमे का मुस्तहब वक़्त वही है जो ज़ुहर के लिए है।
  • अस्र की नमाज़ में हमेशा देर करना मुस्तहब है मगर इतनी देरी नहीं कि सूरज ज़र्द हो जाये और उस पर बिना किसी ज़रिये के निगाह जमने लगे, यह वक़्त कराहत का है। आमतौर पर सूरज डूबने से 20 मिनट पहले सूरज पर निगाह जमने लगती है।
  • मग़रिब में हमेशा जल्दी करना मुस्तहब है लेकिन जिस दिन बादल हों उस दिन देर करना अच्छा है मगर इतनी देर करना कि तारे घने हो जायें मकरूहे तहरीमी है, लेकिन अगर मजबूरी है जैसे मुसाफ़िर या मरीज़ तो हर्ज नहीं।
  • इशा में तिहाई रात तक देरी करना मुस्तहब है और आधी रात तक मुबाह यानि जबकि आधी रात होने से पहले फ़र्ज़ पढ़ चुके लेकिन इतनी देर कि आधी रात गुज़रने के बाद रात ढलने लगे तो मकरूह है।
  • जिस शख़्स को यह यक़ीन हो कि रात में उठ कर वित्र पढ़ सकता है तो उसको आख़िर रात में वित्र पढ़ना मुस्तहब है। वरना सोने से पहले पढ़ ले फिर अगर पिछले पहर को आँख खुली तो तहज्जुद पढ़े वित्र का लौटाना जाइज़ नहीं।
  • बादल वाले दिन अस्र व इशा में जल्दी करना मुस्तहब है और बाक़ी नमाज़ों में देर।
  • इशा की नमाज़ से पहले सोना और इशा के बाद दुनिया की बातें करना क़िस्से कहानी सुनना या सुनाना मकरूह है। क़ुरआन पढ़ना , ज़िक्र, दीन की बातें, और नेक लोगों के क़िस्से सुनना अच्छा है। ज़रूरी बातें, और मेहमान से बातचीत करने में हर्ज नहीं। इसी तरह फ़ज्र का वक़्त शुरू होने से सूरज निकलने तक ज़िक्रे इलाही के सिवा हर बात मकरूह है।

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